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Saturday, May 23, 2020

25 मई 2020 से स्टार्ट होने वाले घरेलू हवाई यात्रा गाइडलाइन , सावधानियां

25 मई 2020 से स्टार्ट होने वाले  घरेलू हवाई यात्रा गाइडलाइन , सावधानियां


1. उड़ान सेवाओं को शुरू करने से पहले एयरपोर्ट ऑथिरिटी ने गाइडलाइन जारी की थी। एयरपोर्ट ऑथिरिटी ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से कहा है कि यात्री अपनी प्राइवेट गाड़ी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही प्राइवेट टैक्सी का भी प्रयोग कर सकते हैं।
2.  यात्रियों को विमान डिपार्चर के 2 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचने को कहा गया है। टर्मिनल के अंदर वही लोग घुस सकते हैं जिनकी फ्लाइट अगले चार घंटों में हो। एयरपोर्ट टर्मिनल में दाखिल होने से पहले सभी यात्रियों के लिए ग्‍लब्‍स और मास्‍क जैसे सुरक्षा किट पहनना अनिवार्य होगा।
3.  विमान के अंदर नहीं खा सकते खाना
उड़ान के दौरान विमान के अंदर किसी भी तरह का खाना नहीं खा सकते हैं। पानी की बोतल सीटों पर उपलब्ध कराई जाएगी। विमान के अंदर यात्रियों को खाना नहीं दिया जाएगा।
4. आरोग्य सेतु ऐप में ग्रीन लाइट जलने पर एंट्री
यात्रियों को आरोग्य सेतु ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक है।
एंट्री गेट पर मोबाइल में ग्रीन लाइट जलने पर ही एंट्री मिलेगी। अगर ग्रीन लाइट नहीं जली, तो एंट्री नहीं मिलेगी। हालांकि 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए आरोग्य सेतु ऐप की जरूरत नहीं पड़ेगी।
5. न्यूजपेपर/मैग्जीन नहीं मिलेंगे
यात्रियों को टर्मिनल बिल्डिंग या लाउंज में न्यूजपेपर और मैग्जीन नहीं दिया जाएगा। एंट्री से पहले बैगेज को भी सैनेटाइज किया जाएगा।
6.  कर्नाटक में फ्लाइट से पहुंचने वाले उच्च जोखिम वाले राज्यों, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश के यात्रियों को 7 दिनों तक सरकार की ओर से बनाए गए क्वारंटाइन होम में रहना होगा, इसके बाद सात दिन घर पर क्वारंटाइन किया जाएगा। जबकि अन्य राज्यों से लौटने वाले यात्रियों को 14 दिन घर पर ही क्वारंटाइन किया जाएगा।
7. एयरपोर्ट टर्मिनल में प्रवेश से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपने मास्‍क, शू-कवर पहना है। यह अनिवार्य है।
8. विमान में दाखिल होने से पहले आपका टेंपरेचर एक बार फिर चेक किया जाएगा। टेंपरेचर निर्धारित मानक से अधिक पाए जाने पर आपको हवाई यात्रा की इजाजत नहीं मिलेगी।
9. विमान में अपनी सीट में बैठने के बाद आपको एक बार फिर सैनिटाइज किया जाएगा। साथ ही, आपको यात्रा के दौरान क्रू के साथ कम से कम संवाद करना है।
10. कुछ एयरपोर्ट्स पर जरूरत को देखते हुए यात्रियों को PPE किट भी पहननी पड़ सकती है।
11. यात्रियों को सिर्फ चेकइन बैगेज ले जाने की होगी इजाजत, पहले चरण में केबिन बैगेज पर पूरी तरह से मनाही रहेगी।
12. एक यात्री को 20 किलो भार वाले एक ही चेकइन बैगेज ले जाने की इजाजत मिलेगी।
13. चेकइन के दौरान, आपको खुद अपना बैग उठाकर बैगेज बेल्‍ट में रखना होगा।
14. पहले चरण में 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले यात्रियों को हवाई यात्रा की इजाजत नहीं मिलेग।
15. टिकट बुकिंग के दौरान एयरलाइंस यात्रियों को एक फार्म उपलब्‍ध कराएगी, जिसमें उन्‍हें अपनी कोविड-19 हिस्‍ट्री की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा, यदि कोई यात्री बीते एक महीने के दौरान क्‍वारंटाइन में रहा है तो इसकी जानकारी भी एयरलाइंस को देनी होगी। 

Friday, April 3, 2020

पीएम मोदी ने दीपक जलाने की लोगों से की अपील जानिए- ज्योतिष / अंक विद्या के अनुसार इसके फायदे

पीएम मोदी ने दीपक जलाने की लोगों से की अपील
जानिए- ज्योतिष / अंक विद्या  के अनुसार इसके फायदे

प्रधानमंत्री ने शुक्रवार सुबह नौ बजे प्रसारित अपने 12 मिनट लंबे वीडियो संदेश में पांच अप्रैल को रात्रि नौ बजे नौ मिनट के लिए घर लाइट्स बंद करके एक दीया, मोमबत्ती या मोबाइल फ्लैश लाइट जलाने की अपील की है। 
कोरोना संकट के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश से एक बार फिर अपील की है कि वह इस संकट की घड़ी में एकजुटता दिखाएं।
इसके लिए इस बार प्रधानमंत्री ने 5 अप्रैल रविवार को रात 9 बजे सभी लोगों से घर की लाइट बुझाकर दीप, मोमबत्ती जलाने का आग्रह किया है।
इससे पहले मोदी ने 22 मार्च को कोरोना संकट में एक जुटता के लिए शाम 5 बजे ताली-थाली बजाने का आह्वान किया था। क्या मोदी की यह पहल महज एकजुटता के लिए है
दुनिया में संक्रमण से हो रही मौतों, अमेरिका जैसे देश की खस्ता हालत और टीवी पर कोविड-19 जुड़ी खबरों के कारण अधिकांश लोग मानसिक दबाव में हैं।
प्रधानमंत्री का यह कदम इन सभी लोगों का मूड चेंज कराएगा। लोगों में एक नई तरह की ऊर्जा का संचार करेगा।
तमसो मा ज्योर्तिगमय का दुनिया मानेगी लोहा
विदेश मंत्रालय के अफसर प्रधानमंत्री की अपील को काफी अच्छा मान रहे हैं। अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी के अनुसार दुनिया के तमाम देशों में भारत की कोविड-19 से लड़ने के लिए अपनाई गई नीति की सराहना हो रही है। सूत्र का कहना है कि 22 मार्च को जनता के शंख बजाने, ताली बजाने की घरेलू स्तर पर चाहे जो आलोचना हो, लेकिन वैश्विक स्तर पर इसे देश के जनता की प्रधानमंत्री मोदी के साथ एकजुटता माना गया।

जानें दिए जलाने के फायदे- 

1.- हिंदू धर्म में तो युगों से परंपरा चली आ रही है कि कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी की शाम में एक दीप घर की छत पर जलाकर लोग रख देते हैं जिनमें कौड़ी भी लोग डाल देते हैं। ऐसी मान्यता चली आ रही है कि इससे यमराज प्रसन्न होते हैं अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। संयोग की बात यह है कि 5 अप्रैल रविवार को संध्या काल में त्रयोदशी तिथि लग रही है। धर्म ग्रंथों के अनुसार त्रयोदशी तिथि की देवी जया हैं जो देवी दुर्गा के साथ चलने वाली योगिनी हैं। यही देवी युद्ध के मैदान में आगे बढ़कर योद्धाओं को विजयी बनाती हैं। इसलिए आम दिनों में भी त्रयोदशी तिथि को एक दीपक घर के बाहर जलाना बड़ा ही शुभ फलदायी माना गया है। यहां आपको बता दें कि दीप कभी भी सम संख्या में नहीं जलाना चाहिए, यानी 1 जलाएं, 3 जलाएं या 5 पांच।


2. घर से हर तरह की बीमारियां दूर करने के काम आता है दीया। घी का दिया जलाना पूरे घर के लिए लाभदायक होता है। घी में त्वचा से जुड़े सभी रोगों को दूर करने के गुण होते हैं।

3.- जब दीये में मौजूद घी, आग से मिलता है तो ये वातावरण को पवित्र कर देता है। इसलिए ऐसा माना जाता है कि घी का दीया जलाने से घर में मौजूद सभी बीमारियां दूर हो जाती हैं।
अगर आप इसके साथ एक लॉन्ग जलाते हैं, तो ये सेहत के लिए काफी अच्छी होता है।

4. वहीं, घी के अलावा अगर आप दीये में सरसों के तेल का इस्तेमाल करते हैं, तो ये एयर प्यूरीफायर का काम करता है। इसका धुंआ घर के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है।

5. घी या सरसों के तेल का दिया अस्थमा के मरीज़ों के लिए भी लाभदायक होता है।

6. घी और सरसों के तेल की सुगंध घर की हवा में मौजूद हानिकारक कणों को बाहर निकालती है।

- मशहूर मनोविश्लेषक डॉक्टर समीर पारेख कहते हैं कि पीएम के संदेश से देशवासियों में अच्छे काम के लिए एक जुटता पैदा होगी, जिससे मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।

शुभ फलदायी बता रहे ज्योतिषशास्त्री...


काशी हिंदू विश्वविद्यालय में ज्योतिष के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय कहते हैं कि पांच अप्रैल 2020 को रात्रिकाल अर्थात रात्रि नौ बजे पूर्वा फाल्गुनि नक्षत्र है, जिससे सिंह राशि बनती है। जिसका अधिपति सूर्य है। सूर्य परमेश्वर की ज्योति का प्रतिनिधित्व करते हैं। लोक में अंधकार से प्रकाश की स्थापना करते हैं।

अंक विद्या का भी अदभुत संयोग...


अंक विद्या के द्वारा 9 संख्या पांच अप्रैल 2020 को आ रही है। रात्रि नौ बजे नौ मिनट का समय

निर्धारण कार्य की पूर्णता और शुभता का प्रतीक है। क्योंकि 9 संख्या को

पूर्ण संख्या माना जाता है। संयोग भी कह सकते हैं कि 3 अप्रैल को सुबह 9 बजे

प्रधानमंत्री ने देश का आह्वान किया। प्रधानमंत्री का संबोधन भी हुआ मात्र 9 मिनट। संबोधन की

तारीख 3. 4. 20 (3+4+2+0)=9 । 5 अप्रैल का दिन यानी (5 + 4) का योग हुआ 9। समय रात 9

बजकर 9 मिनट। वस्तुत: 9 का अंक अविभाज्य होता है। 9 में कितनी भी बार 9 जोड़ें फलांकों का योग 9 ही होगा।


आत्मबल का प्रतीक है दीया...:

Saturday, March 28, 2020

Lockdown :लॉक डाउन के बाद मार्मिक सफर.. न घर के ..न घाट के.. सत्ता और इस व्यवस्था के मारे हुए लोग हैं



लॉक डाउन के बाद मार्मिक सफर..

 घर के ..न घाट के ..,सत्ता और इस व्यवस्था के मारे हुए लोग हैं

यह भी सुनिए, गाँव अपने इन बिछुड़ों का इंतज़ार नहीं कर रहे हैं। वहाँ भी लोग इन आने वालों से डरे हुए हैं। बहुत जगह विरोध हो रहा है, बहुत जगह लोग रात के अंधेरों में अपने घरों में पहुंचे हैं।

सड़कों पर ग़रीबों के जो हुज़ूम जिनमें युवा स्त्री-पुरुष, उनके मासूम बच्चे, बूढ़े परिजन शामिल हैं, अपने पुराने ठिकानों की तरफ़ पैदल ही बढ़े जा रहे हैं, वे कोरोना के नहीं, इस सत्ता और इस व्यवस्था के मारे हुए लोग हैं।
क्या मध्यवर्ग भी कभी ऐसी यात्रा करता है कि 1000 किलोमीटर पैदल बिना खाए पिए चलता रहे? वे किसी अनजाने डर से भाग रहे हैं

Lock down  होते ही
देश की इस विशाल श्रमशील आबादी के पांवों तले से ज़मीन खिसक जाती है। कोई बताएगा, फैक्ट्रियों की काल-कोठरियों, किराये के मुर्गी खानों जैसे दड़बों में पड़े रहने वाले इन लोगों के लिए क्या इंतज़ाम थे? फैक्ट्रियों से लतिया दिए गए इन लोगों से पूछिए, शंख-थाली बजाने वालों ने उनकी तनख्वाएं तक मार लीं। बेकाम, बेछत हो गए लोग पुलिस की मार खाने का जोख़िम उठाकर भी अपने गाँवों की तरफ़ पैदल ही न निकल पड़ते तो क्या करते?



नेतृत्व की परीक्षा संकटकाल में ही होती है. इस संकट काल में कोई नेता जनता का मजाक उड़ा रहा है, कोई रामायण देखते हुए अपनी फोटो जारी कर रहा है, कोई घंटी बजाते हुए वीडियो बनवा कर जारी कर रहा है, कोई आरती और श्लोक शेयर कर रहा है. यही इनका महान नेतृत्व है.


आज का यह सफर बहुत ही मार्मिक होते हुए भी,  भविष्य के लिए बहुत कुछ सिखा जाएगा , यह सभी अपने मंजिल पर पहुंचे और रोग मुक्त रहें ! और इनके गांव वालों से एक अनुरोध है कि इनका इलाज या चेकअप कर गांव में शरण दे, आखिर यह भी उसी गांव के  भाई बंधु है ! जितना हक आपका है गांव पर, उतना ही हक उनका भी है ! बस यह महामारी के मारे हुए हैं ,वक्त के सताए हुए हैं अगर आप उनका साथ नहीं देंगे तो फिर कौन देगा! 

Friday, March 27, 2020

Lockdown लगने के बाद एक सफर स्टार्ट हुआ उन गरीब परिवारों के बीच...




सफर तो जिंदगी का हमेशा चलता रहता है कुछ सफर शौकिया होते हैं और कुछ सफर मजबूरी से होते हैं
हमारे देश भारत में लॉक डाउन के बाद एक सफर की शुरुआत होती है
Lockdown लगने के बाद एक सफर स्टार्ट हुआ उन गरीब परिवारों के बीच जो कहीं रोजी-रोटी के लिए किसी ने किसी राज्य में या ,  मेट्रो सिटी ,फैक्ट्री, में वर्क करते थे और वह लॉक डाउन उनकी वजह से अपने घर ना जा पाए, यह सफर उन लोगों का  है जो लॉक डाउन  के बाद पैदल ही सफ़र शुरू कर दिया अपने घर, अपनी मंजिल पर पहुंचने का क्योंकि अगर वहां रुकते तो वह खाए बिना मर जाते हैं, या उनके पास पैसे नहीं थे, अकेलापन था, शायद इसी की तलाश में यह सफर स्टार्ट हो जाता है मेट्रो सिटी से अपने गांव के लिए यह सफर डरावना भी है, मुश्किल भी है, भूख भी है, प्यास भी है, और ऊपर से प्रशासनिक अधिकारियों के सवाल-जवाब लाठी डंडा  से होकर गुजरता है सफर जिंदगी मौत का सफर हैं , उन सभी के लिए जो स्टार्ट कर चुके हैं ! वह बहुत बड़े लोग तो नहीं है वह मजदूर वर्ग है जिसके है जिसके पास रहने के लिए छत नहीं है वह आशियाना ढूंढते हुए अपने घर ,गांव को चल दिए शायद इसी आस में कि दो रोटी घर पर तो मिल ही जाएगी!
इन सभी लोगों को चलते देखकर सभी लोगों के मन में दया भाव तो आ जा रहा है कुछ लोग, कुछ को पानी, बिस्किट दे भी  रहे हैं लेकिन इनका यह सफर वही खत्म होगा जहां इनकी मंजिल है या घर पर पहुंच जाएंगे !
कुछ पुलिस प्रशासनिक अधिकारी कुछ सहायता तो कर दे रहे हैं लेकिन वह सहायता से केवल एक आस भर रही है न कि वह मंजिल को पा रहे हैं! लाचार ,बेबस ,तपती धूप में  कुछ नंगे पांव  , कंधे पर बोझ, बच्चे, औरतें सभी निकल पड़े हैं, भूख प्यास से लड़ते हुए अपने गांव के लिए ,जिंदगी की जद्दोजहद के साथ ! जहां पर उनको सुकून होगा अपनों के पास होने का, मौत को जीतकर पहुंचेंगे! 


समाज का एक संपन्न परिवार जो अपने घरों में कैद है बाहर नहीं जा पा रहा है , वह इन मार्मिक दृश्य को केवल सोशल साइट्स, न्यूज़ चैनल पर देख रहे हैं  शायद वह कुछ सहायता करना चाहते हो किंतु तालाबंदी की वजह से कठपुतली की तरह देख सकता ! क्योंकि सफर उनका है, उन्हें चलना होगा मौत को जीतकर खड़ा होना होगा.
क्योंकि 70 साल के इतिहास में कभी हमारे यहां ट्रेन बंद  नहीं हुई , इस कोरोना वायरस  ने जिंदगी पर लगाम लगा दिया और यह फैसला भी जरूरी था कि लोग बचे , किंतु दूसरी तरफ भूख, बेबसी अपनों से दूर, तनहाई, खाने को ना होना, यह भी एक मार्मिक दृश्य इस समाज में उभरकर सबके सामने आया! 

मनुष्य जाति की विकास यात्रा को कोरोना वायरस ने कुछ पल के लिए रोक दिया है, उसके बाद जो मनुष्य सोचेगा इस यात्रा को लेकर तो उसे ध्यान देना होगा कि हमने प्रकृति के साथ कितना खेला है!
आज का यह सफर बहुत ही मार्मिक होते हुए भी, जो लोग अपने आप पर विजय पाएंगे भविष्य में इसी दृश्य को बताकर जिंदगी का वह मजा लेंगे और कहेंगे कि हमने वह देखा है! यह  यात्रा इतिहास में दर्ज होने वाली यात्रा है !

Wednesday, March 25, 2020

ब्रिटिश प्रिंस चार्ल्स को हुआ कोरोना



कोरोना वायरस ने अब दुनिया के बड़े बड़े लोगो को भी शिकार बनाना शुरू कर दिया है,
इस घटना के बाद अब पूरी दुनिया में कोरोना को लेकर खौफ और बढ़ चूका है!

खबर ब्रिटेन से आ रही है जहाँ प्रिंस चार्ल्स को कोरोना हो चूका है, प्रिंस चार्ल्स में कोरोना के लक्षण दिखाई दिए ,
इसी कारण उनकी तुरंत जांच की गयी और उनमे कोरोना वायरस  का संक्रमण मिला |
प्रिंस चार्ल्स 71 साल के है, प्रिंस चार्ल्स को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है!
 71 साल की उम्र होने की वजह से ब्रिटेन के नागरिक को डर सा लगा है कि कहीं उनका राजा इस बीमारी से लड़ पाएगें कि नहीं ,  इस उम्र के लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है,
 कोरोना वृद्ध लोगो पर ज्यादा असर दिखाता है और जितने लोग अब तक इस वायरस से मरे है उनमे ज्यादातर लोग वृद्ध ही है ! 

Symptoms and Prevention of Hantavirus . (हंता वायरस के लक्षण ,बचाव )

नए वायरस ने एक बार फिर चीन की चिंता बढ़ा दी है। इस वायरस का नाम है- हंता वायरस


हंता वायरस रोडेंट जो चूहे की एक प्रजाति है, उसके शरीर में होता है।

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशंस की रिपोर्ट के मुताबिक, ये वायरस अभी तक सिर्फ चीन और अर्जेंटीना में ही पाया गया है। चीन में भी इस वायरस से एक व्यक्ति की मौत हुई है।
 सीडीसी के मुताबिक चूहों के मल-मूत्र से दूर रहें तो इस वायरस का संक्रमण नहीं होगा।
इसका संक्रमण व्यक्ति से व्यक्ति में नहीं फैलता। इस लिहाज से भारत में अभी इसका खतरा नहीं है।

हंता वायरस के लक्षण :

अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल और प्रेवेंशन(सीडीसी) के मुताबिक हंता वायरस से संक्रमित होने पर

1.   बुखार 101 डिग्री से ऊपर भी हो सकता है!

2.  संक्रमित व्यक्ति के सिर में और शरीर में दर्द होता है!

3.  संक्रमित व्यक्ति को डायरिया की शिकायत हो सकती है!

4.  उल्टी(वोमेटिंग), पेट में दर्द की समस्या हो सकती है!

5.  संक्रमित व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है!

  बचाव:-

इससे बचने का फिलहाल यही तरीका है कि चूहों से दूरी बनाकर रखी जाए। खासकर चूहे के लार, थूक, मल-मूत्र से बच कर रहें।  

Tuesday, March 24, 2020

अभी करोना वायरस खत्म नहीं हुआ तभी एक नया वायरस (Hantavirus) हंता प्रकट हो गया..


ग्लोबल टाइम्स के अनुसार हंता वायरस से एक व्यक्ति की मृत्यु:

अभी चीन करोना वायरस से पूरी तरह मुक्त भी नहीं हुआ था कि एक नया वायरस ने जन्म ले लिया जिसका नाम हंता वायरस बताया जा रहा है और आज उस वायरस की वजह से एक व्यक्ति की मृत्यु की पुष्टि भी हुई है.

 पूरी दुनिया में कोहराम मचाने वाला कोरोना वायरस अभी  खत्म नहीं हुआ था जिसकी कोई वैक्सीन भी नहीं बनी थी जिसका ट्रीटमेंट भी नहीं हो रहा था, तब तक इसी बीच एक नए वायरस का प्रकोप चीन से ही शुरू हुआ है.

ग्लोबल टाइम्स के अनुसार हंता वायरस से पीड़ित व्यक्ति बस से शाडोंग प्रांत लौट रहा था. तभी कोरोना की जांच के दौरान इस वायरस का पता चला. इस बस में कुल 32 लोग थे. सभी यात्रियों की जांच की गई. जब से चीन ने यह जानकारी शेयर की है. तब से सोशल मीडिया पर हंगामा मचा हुआ है.

यूएस सेंटर फॉर डिजीस एंड कंट्रोल के अनुसार: हंता वायरस चूहों के मल, मूत्र, लार, से फैलता है.  हंता वायरस Respiration के द्वारा शरीर में प्रवेश करता है! 

25 मई 2020 से स्टार्ट होने वाले घरेलू हवाई यात्रा गाइडलाइन , सावधानियां

25 मई 2020 से स्टार्ट होने वाले  घरेलू हवाई यात्रा गाइडलाइन , सावधानियां 1. उड़ान सेवाओं को शुरू करने से पहले एयरपोर्ट ऑथिरिटी ने ग...